मीडिया-मुग़ल: रूपर्ट मर्डोक

ऑस्ट्रेलिया में जन्मे रूपर्ट मर्डोक विश्वविख्यात मीडिया-मुग़ल हैं। उनका जन्म मेलबोर्न में 11 मार्च, 1931 को हुआ था, लेकिन अपनी व्यावसायिक महत्वाकांक्षा और अमेरिका में अपने व्यावसायिक विस्तार के लिए उन्होंने सन 1985 में अमेरिकी नागरिकता हासिल कर ली। उनके पिता कीथ मर्डोक ऑस्ट्रेलिया के एक स्थानीय समाचार-पत्र के मालिक थे । रूपर्ट के पिता ने उनकी कम उम्र में ही शादी कर दी थी। शादी के बाद वे पढ़ाई के लिए इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय चले गए। यहां उन्होंने राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया। सन 1952 में, जब रूपर्ट 21 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया और उन्हें पिता का कारोबार संभालने के लिए वापस ऑस्ट्रेलिया आना पड़ा। उन्हें पिता की विरासत के रूप में उनके समाचार पत्र का स्वामित्व मिला और सन 1953 में न्यूज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बने । कारोबार की शुरुआत से ही उन्होंने अधिग्रहण और विस्तारवादी नीति अपनाई। उन्होंने सफलता के लिए अख़बारों की टेबलॉयड संस्कृति से भी परहेज़ नहीं किया। जल्दी ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कई प्रांतों के स्थानीय अख़बारों का अधिग्रहण कर लिया। सन 1960 तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ‘Cumberland Newspapers’ और ‘Mirror Newspapers Ltd.’ समाचार-पत्र ख़रीदकर अपने समाचार कारोबार का विस्तार कर लिया था।
सन 1964 में मर्डोक ने ऑस्ट्रेलिया का पहला राष्ट्रीय अख़बार ‘दि ऑस्ट्रेलियन’ शुरू किया। अपने मीडिया साम्राज्य की स्थापना के लिए रूपर्ट मर्डोक ने ऑस्ट्रेलिया की राजनीति का भी जमकर लाभ उठाया और इसके लिए अवसरवादी प्रवृत्ति अपनाने से भी नहीं चूके1960 के दशक के अंत में उन्होंने अपना बिज़नेस ब्रिटेन में फैलाना शुरू किया। कॉमनवेल्थ बैंक से उन्हें इस काम में बहुत मदद मिली। 1969 में ब्रिटेन का सबसे ज़्यादा सर्कुलेशन वाला रविवारीय समाचार पत्र ‘न्यूज़ ऑफ़ दि वर्ल्ड’ ख़रीद लिया। इसी वर्ष जब ‘मिरर ग्रुप’ अपने समाचार पत्र ‘दि सन’ को चलाने में असमर्थ हुए तो रूपर्ट ने उसे भी ख़रीद लिया और एक टेबलॉयड की शक़्ल दे कर उसे सफ़ल बना दिया।सन 1979 में उन्होंने मेलबोर्न टेलीविज़न स्टेशन ख़रीद लिया।सन 1973 में रूपर्ट मर्डोक ने अमेरिका में अपने पहला अधिग्रहण किया जब उन्होंने ‘सेंट एंटोनियो समाचार’ ख़रीदा। सन 1974 में ‘दि नेशनल स्टार’ शुरू करके रूपर्ट ने यहाँ सुपर मार्केट टेबलॉयड कारोबार में प्रवेश किया। 4 सितंबर, 1985 में रूपर्ट मर्डोक ने अमेरिकी नागरिकता ले ली, जिससे अमेरिका में मीडिया ग्रुप्स और टेलीविज़न स्टेशन ख़रीदे जा सकें। सन 1997 में उन्होंने‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ख़रीद लिया
सन 1980 में रूपर्ट मर्डोक ने विश्व प्रसिद्ध ‘न्यूज़ कॉर्पोरेशन’ का गठन किया। कई देशों सहित केमैन द्वीप समूह, चैनल द्वीप समूह, वर्जिन द्वीप समूह और बहामास में भी ‘न्यूज़ कॉर्पोरेशन’ ने अपने सहयोगी बनाए। सन 1981 में लंदन के‘टाइम्स’ और ‘सनडे टाइम्स’ पर अधिकार कर लिया। सन 1982 ऑस्ट्रेलियन बुक प्रकाशन ‘ऑगस एंड रॉबर्टसन’ ख़रीद लिया। सन 1983 में उन्होंने पहला उपग्रह चैनल ‘स्काई’ लॉन्च किया। 1990 में मर्डोक प्रतिद्वंद्वी कंपनी ‘ब्रिटिश सेटेलाइट ब्रॉडकास्ट’ का अपनी ब्रिटिश बेस्ड सेटेलाइट नेटवर्क ‘द स्काई’ में विलय कराने में सफल रहे। परिणाम स्वरूप बनी कंपनी ‘बी स्काई बी’ ने ब्रिटिश पे टेलीविज़न मार्केट पर अपना प्रभुत्व क़ायम कर लिया। सन 1986 में उन्होंने ‘फ़ॉक्स ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ की स्थापना की
इस साल तक आते-आते ‘न्यूज़ कॉर्पोरेशन’ दुनिया में सबसे बड़ा समाचार-पत्र प्रकाशक बन गया सन 1993 में रूपर्ट मर्डोक ने एशिया के मार्केट में प्रवेश किया। ‘न्यूज़ कॉर्पोरेशन’ ने ‘रिचर्ड ली’ द्वारा स्थापित हॉन्ग-कॉन्ग की कंपनी ‘सेटेलाइट टेलीविज़न फ़ॉर एशियन रीजन (स्टार)’ का अधिग्रहण कर लिया। एशिया भर के 53 देशों में ये 30 करोड़ दर्शकों तक इसकी पहुँच है। भारत में भी इसके तहत अनेक चैनल चल रहे हैं। अपनी आक्रामक नीति के रूपर्ट मर्डोक ने उस समय भारत में दूरदर्शन के कुछ बड़े अधिकारियों जैसे रतिकांत बसु आदि को तोड़कर भारी वेतन पर स्टार में ले आए।
1998 ‘स्टार न्यूज़’शुरू करने का फ़ैसला किया। इसके लिए कंटेंट निर्माण की ज़िम्मेदारी प्रसिद्ध पत्रकार प्रणव राय के प्रोडक्शन हाउस‘एन.डी.टी.वी’ को दी गई। इसकी एक वजह भारत सरकार की रुपर्ट मर्डोक को लेकर आशंका भी थी। रूपर्ट मर्डोक राजनीति में दख़लअंदाज़ी के लिए जाने जाते थे। उनके पहली बार भारत आगमन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहराव ने उनसे कहा था,-“आशा करता हूँ कि आप भारत की राजनीति में हस्तक्षेप करने की कोई योजना नहीं रखते हैं। 31 मार्च, 2003को ‘स्टार न्यूज़’ को नए कलेवर और नए मैनेजमेंट के साथ 24 घंटे के हिन्दी न्यूज़ चैनल के रूप में रीलॉन्च किया गया। सन 2005 में रूपर्ट मर्डोक को केन्द्र सरकार की नीति के चलते ‘स्टार न्यूज़’ के 74 प्रतिशतशेयर पश्चिम बंगाल के ‘आनंद बाज़ार पत्रिका समूह(ए.बी.पी. ग्रुप्स)’ को बेचने पड़े। इस नए संयुक्त उद्यम के तहत मीडिया कंटेंट एंड कम्युनिकेशन सर्विसेज़(एम.सी.सी.एस.) नामक कंपनी भारत में स्टार न्यूज़ का प्रसारण कर रही है।
No comments:
Post a Comment